मैं कौन हूँ ?

उस परम तत्व का अंशावतार जो जन्म एवं मृत्यू, सृजन एवं सहांर से परे है, जो सम्पूर्ण सृष्टी में विद्यमान है तथा जो सभी कारणो का भी परम कारण है।

मेरा जन्म ?

मेरा कोई आदि अथवा अंत नहीं। हाँ इस शरीर के साथ मेरे अब तक के प्रवास की अवधी 30 वर्ष।

मेरा उद्येश्य?

प्रत्येक पल एक प्रतिसृष्टी की रचना